Vastu Tips: घर में है मंदिर तो रखें इन खास नियमों का ख्याल
gmedianews24( source) : वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। मंदिर से जुड़े वास्तु के कुछ खास नियमों का पालन करके हम घर की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। घर में सही स्थान और दिशा में मंदिर बनाने से शुभ फल मिलते हैं। घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। परिवार के सभी सदस्य खुश एवं स्वस्थ रहें। आइए जानते हैं घर के मंदिर से जुड़े कुछ खास वास्तु नियमों के बारे में।
मंदिर का वास्तु: घर में मंदिर बनवाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा या उत्तर-पूर्व कोने में मंदिर होना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
पूजा करते समय दिशा का रखें ध्यान: वास्तु के अनुसार सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए पूजा करते समय हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुंह करना चाहिए। पश्चिम दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से धन में वृद्धि होती है। वहीं माना जाता है कि दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजा नहीं करनी चाहिए। इससे अशुभ परिणाम हो सकते हैं।
इन जगहों पर न बनाएं मंदिर: वास्तु के अनुसार मंदिर कभी भी मुख्य द्वार के सामने, शौचालय के पास और सीढ़ियों के नीचे नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। इससे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
देवी-देवताओं की मूर्तियां: वास्तु के अनुसार देवी-देवताओं की मूर्तियां कभी भी जमीन पर नहीं रखनी चाहिए। साथ ही किसी भी देवी-देवता की मूर्ति ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए। मंदिर में 7 इंच तक की मूर्ति स्थापित करना शुभ माना जाता है। मंदिर में खंडित मूर्ति न रखें।
मंदिर में रखें ये चीजें: घर के मंदिर में मोर पंख, गंगा जल, सालिग्राम, शंख, घंटी, चांदी या पीतल की पूजा की थाली रखना बहुत शुभ माना जाता है। नियमित रूप से मंदिर की सफाई करें और मंदिर के बर्तनों को भी साफ रखें।







