
gmedianews24.com/Vastu Dosh Upay : वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है, जो हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनाए रखने के लिए घर और ऑफिस की संरचना पर ध्यान देने की सलाह देता है। अगर घर में वास्तु नियमों की अनदेखी की जाए, तो यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है, जिससे स्वास्थ्य, धन और रिश्तों में समस्या आ सकती है।
घर में वास्तु दोष की पहचान कैसे करें
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मुख्य द्वार की स्थिति
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मुख्य द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य मार्ग है।
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अगर द्वार के सामने कोई बाधा या अड़चन हो, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है।
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रसोई की दिशा
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रसोई हमेशा पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए।
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उत्तर-पश्चिम या अन्य दिशाओं में रसोई होने पर स्वास्थ्य और आर्थिक परेशानियां हो सकती हैं।
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साफ-सफाई और अव्यवस्था
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घर में गंदगी और अव्यवस्था होना वास्तु दोष का मुख्य कारण है।
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विशेषकर बाथरूम और टॉयलेट की सफाई पर ध्यान दें।
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बेडरूम की दिशा
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बेडरूम हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
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गलत दिशा में बेडरूम होने से नींद और मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है।
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दीवारों और छत में दरारें
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दीवारों या छत में लगातार दरारें होना वास्तु दोष का संकेत हो सकता है।
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इसे तुरंत मरम्मत करवाना चाहिए।
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घर में वास्तु दोष सुधारने के आसान उपाय
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मुख्य द्वार के सामने लॉंग मिरर न रखें
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मुख्य द्वार पर मिरर लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
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रसोई में हल्दी और नमक का प्रयोग
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रसोई में हल्दी और नमक का नियमित प्रयोग वास्तु दोष कम करता है।
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सकारात्मक ऊर्जा के लिए पूजा स्थल
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घर के पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल बनाएँ।
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पौधे लगाएं
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तुलसी और गमले के पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं।
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धातु और क्रिस्टल की वस्तुएं
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दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल, तांबे या पीतल की चीज़ें रखने से वास्तु दोष दूर होता है।
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