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देश

तो दंगों में सारा गुजरात जल जाता’, जानिए पीएम मोदी के किस फैसले के मुरीद हुए सिख नेता

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर एक सिख नेता का बयान इन दिनों सुर्खियों में है। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों का ज़िक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय नरेंद्र मोदी ने एक कड़ा और साहसी फैसला नहीं लिया होता, तो पूरा गुजरात जलकर खाक हो जाता।

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सिख नेता ने अपने बयान में कहा, “लोग चाहे जो भी कहें, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि उस वक्त मोदी ने सेना को तत्काल तैनात करने का फैसला नहीं लिया होता, तो हालात बेकाबू हो जाते।”

उन्होंने बताया कि गुजरात दंगों के दौरान, मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने बिना समय गंवाए सेना को बुलाया और दंगाग्रस्त इलाकों में तैनात किया, जिससे हिंसा को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली।

सिख नेता ने कहा कि यह फैसला बेहद कठिन परिस्थितियों में लिया गया था और यह दिखाता है कि मोदी संकट के समय निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे फैसले ही किसी नेता की वास्तविक नेतृत्व क्षमता को दर्शाते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि मोदी के प्रशासनिक फैसलों को लेकर एक विशेष वर्ग की स्वीकृति और विश्वास को भी दर्शाते हैं।

हालांकि, गुजरात दंगे आज भी भारतीय राजनीति का विवादित और संवेदनशील विषय बने हुए हैं, लेकिन यह बयान एक बार फिर उस दौर के फैसलों को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

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