आश्विन मास का महत्व: पितृ पक्ष, शारदीय नवरात्र और संकष्टी चतुर्थी का पर्व

gmedianews24.comनई दिल्ली। आश्विन मास हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में जहां पितृ पक्ष का आयोजन होता है, वहीं शारदीय नवरात्र और विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी जैसे प्रमुख पर्व भी मनाए जाते हैं।
पितृ पक्ष का आयोजन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर तर्पण और पिंडदान करते हैं। वहीं, आश्विन शुक्ल पक्ष में आने वाले शारदीय नवरात्र में भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करने से जीवन में सभी प्रकार के सुख-संपत्ति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा आश्विन मास में विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी आता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। भक्तजन इस अवसर पर गणपति बप्पा की पूजा करते हैं और विशेष कार्यों में सफलता पाने के लिए व्रत रखते हैं।





