[metaslider id="31163"]
Featuredदेश

SCB Medical College Fire : SCB मेडिकल कॉलेज ब्रेकिंग पहली मंजिल पर भड़की आग ने छीनीं 10 जिंदगियां, पसरा मातम

gmedianews24.com/SCB Medical College Fire , कटक — ओडिशा के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सोमवार तड़के श्मशान में तब्दील हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट के आईसीयू (ICU) में लगी भीषण आग ने 10 मरीजों की जान ले ली। जिस वक्त आग लगी, वार्ड में भर्ती अधिकांश मरीज वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे, जिसके कारण उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का समय नहीं मिला।

तालाब में डूबने से 16 वर्षीय किशोर की मौत, दोस्तों के साथ नहाने गया था छात्र

तड़के 3 बजे का मंजर: धुएं के गुबार और चीख-पुकार

हादसा सोमवार सुबह करीब 3:00 बजे हुआ। पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा केयर इमरजेंसी विभाग के आईसीयू में अचानक धुआं भरने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही वार्ड में भगदड़ मच गई। लाइफ सपोर्ट पर मौजूद मरीजों के परिजनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जहरीले धुएं ने कुछ ही मिनटों में दम घोंट दिया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 10 लोग अपनी जान गंवा चुके थे। 5 मरीजों को गंभीर स्थिति में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

“आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह शॉर्ट सर्किट का मामला लग रहा है। हमारी प्राथमिकता अभी उन मरीजों को बचाने की है जिनकी हालत गंभीर है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
— अस्पताल प्रशासन, SCB मेडिकल कॉलेज

यह अग्निकांड केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों के ‘फायर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल’ की बड़ी नाकामी है। ट्रॉमा केयर जैसे संवेदनशील विभाग में फायर अलार्म और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम का काम न करना बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। हादसे के वक्त आईसीयू में स्टाफ की मौजूदगी और इमरजेंसी एग्जिट की उपलब्धता पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर सकती है। इस घटना ने एक बार फिर ओडिशा के स्वास्थ्य ढांचे में सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को ‘रेड अलर्ट’ पर ला दिया है।

Related Articles

Back to top button