[metaslider id="31163"]
Featuredvastuज्ञान विज्ञान

सकट चौथ 2026: माघ माह में गणपति आराधना का महापर्व, जानें तिथि, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त और व्रत नियम

gmedianews24.com/नई दिल्ली। सनातन धर्म में माघ माह का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस माह में कई व्रत-पर्व मनाए जाते हैं, जिनमें सकट चौथ का विशेष स्थान है। यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित होता है और संतान सुख, दीर्घायु तथा संकटों से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ का व्रत करने से संतान का जीवन सुखमय रहता है और घर-परिवार पर गणपति बप्पा की कृपा बनी रहती है।

सकट चौथ 2026 की तिथि और पंचांग

वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सकट चौथ का पर्व 06 जनवरी को मनाया जाएगा।

  • माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत: 06 जनवरी सुबह 08 बजकर 01 मिनट से

  • चतुर्थी तिथि का समापन: 07 जनवरी सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर

चंद्र दर्शन का समय

सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

  • चंद्रोदय: रात करीब 09 बजे

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 07 बजकर 15 मिनट

  • सूर्यास्त: शाम 05 बजकर 39 मिनट

सकट चौथ 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:26 बजे से 06:21 बजे तक

  • अभिजित मुहूर्त: 12:06 बजे से 12:48 बजे तक

  • विजय मुहूर्त: 02:11 बजे से 02:53 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: 05:36 बजे से 06:04 बजे तक

सकट चौथ व्रत के नियम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ के दिन व्रती को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए—

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।

  • जल में तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और मंत्र जप करें।

  • भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना करें।

  • तिल के लड्डू और मोदक का भोग लगाएं।

  • सकट चौथ की व्रत कथा का पाठ करें।

  • रात्रि में चंद्रमा को दूध और तिल मिलाकर अर्घ्य दें।

  • चंद्र दर्शन के बाद सात्विक भोजन से व्रत का पारण करें।

  • गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।

Related Articles

Back to top button