Pradosh Vrat 2026 : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस व्रत का महत्व विशेष रूप से सोमवार और शनिवार के प्रदोष दिन पर होता है। माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत जनवरी 2026 में कब पड़ रहा है, और इसकी पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त क्या हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।
माघ का पहला प्रदोष व्रत 2026 – तिथि और समय
माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत 15 या 16 जनवरी 2026 को रहेगा।
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प्रदोष व्रत तिथि: 15 जनवरी 2026 (ग्रहणकाल व स्थानीय पंचांग अनुसार भिन्न हो सकता है)
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प्रदोष काल: सूर्यास्त के समय से लेकर रात 9 बजे तक
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शुभ मुहूर्त: 17:30 बजे से 19:30 बजे तक (स्थानीय समयानुसार पंचांग देखें)
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष दिन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
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व्रत करने से पापों का नाश होता है
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जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है
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परिवार में शांति और सौभाग्य बढ़ता है
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संकट और कष्ट दूर होते हैं
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
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स्नान और साफ-सुथरा वस्त्र: व्रत रखने वाले को सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।
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घर की पूजा स्थल की तैयारी: शिवलिंग पर साफ पानी, दूध, दही, घी और बेलपत्र से अभिषेक करें।
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धूप, दीप और नैवेद्य: घी का दीपक जलाएं और प्रिय फल या मिठाई का भोग लगाएं।
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मंत्र जाप:
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“ॐ नमः शिवाय” का जाप या प्रदोष व्रत मंत्र पढ़ें।
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108 बार या मनोकामना अनुसार जाप करें।
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व्रत का फल: इस दिन फलाहार या सत्य व्रत रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
माघ मास में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व
माघ मास को पवित्र माना जाता है और इस महीने के प्रदोष व्रत करने से पुण्य फल दोगुना होता है।
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विशेष रूप से माघ शुक्ल पक्ष में यह व्रत स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
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जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रदोष व्रत करता है, उसके घर में समृद्धि और सुख की वृद्धि होती है।




