सरवरी बस स्टैंड से शुरू हुई थी तलाश
घटनाक्रम के अनुसार, आईटीबीपी जवान योगेश 24 फरवरी की रात से लापता थे। वह अपने पिता प्रेमलाल के साथ हरिद्वार जाने के लिए कुल्लू के सरवरी बस स्टैंड पहुंचे थे। रात करीब 10:30 बजे की बस पकड़नी थी, लेकिन बस स्टैंड पर फोन सुनते-सुनते योगेश कहीं चले गए और वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद परिजनों ने एसपी कुल्लू मदनलाल कौशल से मुलाकात कर जवान की जल्द तलाश करने की गुहार लगाई थी।
नदी किनारे मिला शव, परिजनों में मचा कोहराम
बुहार पुलिस को बुधवार दोपहर सूचना मिली कि ब्यास नदी के किनारे एक युवक का शव फंसा हुआ है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जब शिनाख्त की, तो मृतक की पहचान लापता जवान योगेश के रूप में हुई। जवान की मौत की खबर मिलते ही लाहौल स्थित उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जवान की पहचान उसके कपड़ों और अन्य सामानों के आधार पर की गई है।
“बुधवार को भुंतर के पास नदी से शव बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में यह वही जवान है जो 24 फरवरी से लापता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ढालपुर भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।”
— मदनलाल कौशल, एसपी कुल्लू
इस घटना ने सरवरी बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब बस स्टैंड के आसपास के फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि लापता होने वाली रात योगेश किसके संपर्क में थे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पूरे सम्मान के साथ परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में हर पहलू (हादसा या अन्य) की गहनता से जांच कर रहे हैं।






