
gmedianews24.com/ नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग, IPL 2026 का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच से ठीक पहले बीसीसीआई ने सभी 10 टीमों के कप्तानों के साथ मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ और अंपायर नितिन मेनन ने कप्तानों को नए ‘प्लेइंग कंडीशंस’ और सख्त अनुशासन नियमों के बारे में अंतिम चेतावनी जारी की है।
कैच का नियम: ‘जश्न’ से पहले ‘कंट्रोल’ जरूरी
बीसीसीआई ने कैच लेने के नियमों (Clause 33.3) को लेकर कप्तानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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पूरी तरह नियंत्रण: अब कैच तभी मान्य माना जाएगा जब फील्डर का गेंद और अपने शरीर के संतुलन (Movement) दोनों पर पूरी तरह नियंत्रण हो।
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जल्दबाजी में जश्न पड़ेगा भारी: यदि फील्डर ने गेंद पकड़ते ही उसे हवा में उछाल दिया या जश्न मनाने लगा, लेकिन उस वक्त उसका शरीर पूरी तरह स्थिर नहीं था, तो अंपायर उसे ‘नॉट आउट’ करार दे सकते हैं। कप्तानों को पिछले टूर्नामेंटों के कुछ वीडियो क्लिप्स दिखाकर समझाया गया कि अधूरा नियंत्रण कैच को अमान्य बना सकता है।
मैच के दिन प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक
पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बीसीसीआई ने इस बार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है:
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मैच डे प्रतिबंध: मैच वाले दिन मुख्य मैदान (Main Square) पर किसी भी तरह की प्रैक्टिस या फिटनेस टेस्ट की अनुमति नहीं होगी।
फैमिली ट्रैवल और ड्रेस कोड पर सख्ती
बीसीसीआई ने इस बार खिलाड़ियों के निजी जीवन और पेशेवर व्यवहार के बीच एक स्पष्ट लकीर खींच दी है:
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अलग वाहन में सफर: खिलाड़ी अब प्रैक्टिस या मैच के लिए टीम बस में ही सफर करेंगे। उनके परिवार और दोस्त खिलाड़ियों के साथ बस में नहीं जा सकेंगे; उन्हें अलग वाहन से जाना होगा और वे केवल हॉस्पिटैलिटी एरिया से ही प्रैक्टिस देख पाएंगे।
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ड्रेस कोड: पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान स्लीवलेस जर्सी या फ्लॉपी हैट पहनने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा ऑरेंज और पर्पल कैप धारकों को मैच के दौरान अपनी कैप पहनना अनिवार्य होगा।







