
gmedianews24.com//फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में 2900 किलो से अधिक विस्फोटक मिलने के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया है, जिसे पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया है। इश्तियाक वही व्यक्ति है जिसने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ. मुजम्मिल शकील को अपना फतेहपुर तगा गांव वाला मकान किराए पर दिया था, जहां से 9 नवंबर को भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए थे।
2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद
जांच एजेंसियों के अनुसार, फतेहपुर तगा गांव में पुलिस को 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला था। मौके से डॉक्टर मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया था। मुजम्मिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कैजुअल सर्जन के पद पर कार्यरत था। उसके धौज गांव स्थित कमरे से भी 360 किलो विस्फोटक जब्त किया गया था।
पुलवामा से आतंकी संपर्कों की पुष्टि
सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले मुजम्मिल 15 दिन की छुट्टी लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा गया था, जहां उसने आतंकी संपर्कों से मुलाकात की। इसी दौरान उसने विस्फोटक सामग्री इकट्ठी की और लौटने के बाद मौलवी इश्तियाक के घर में ठहरा था।
महिला आतंकी शाहीन शाहिद भी गिरफ्तार
इस मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद, जो लखनऊ की रहने वाली है, को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। वह अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जूनियर डॉक्टरों की गाइड थी और डॉ. मुजम्मिल की करीबी बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात-उल-मोमीनात’ की भारतीय प्रमुख है। इस संगठन की चीफ पाकिस्तान में आतंकी अजहर मसूद की बहन सादिया है।
जांच एजेंसियों को मिले आतंकी नेटवर्क के संकेत
फरीदाबाद पुलिस, एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की साझा जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में ‘वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के रूप में काम कर रहा था, जिसमें डॉक्टर, प्रोफेसर और रिसर्च स्कॉलर्स शामिल हैं।





