देवउठनी एकादशी पर मनाया जाएगा बाबा खाटू श्याम का जन्मोत्सव, जानिए कब और क्यों मनाई जाती है यह तिथि

gmedianews24.com/राजस्थान। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हर वर्ष की तरह इस बार भी देवउठनी एकादशी धूमधाम से मनाई जाएगी। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और साथ ही हारे का सहारा बाबा खाटू श्याम जी का जन्मदिन भी पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम में इस अवसर पर विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। बाबा श्याम जी को इत्र से स्नान करवाया जाएगा और मंदिर को गुलाब, चंपा, चमेली सहित अनेक प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। भक्तजन बाबा को मावे का केक और विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करेंगे।
कब मनाया जाएगा बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि 1 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होगी और 2 नवंबर की सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि उदय तिथि को मान्य माना गया है, इसलिए देवउठनी एकादशी और बाबा खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव 1 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा।
देवउठनी एकादशी पर क्यों मनाया जाता है बाबा श्याम का जन्मदिन
पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन ही बाबा श्याम का शीश खाटू धाम के मंदिर में सुशोभित किया गया था। इसलिए इस दिन को बाबा का जन्मदिवस माना जाता है और इसे श्रद्धापूर्वक पूरे देश में मनाया जाता है।
कौन हैं बाबा खाटू श्याम
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बाबा खाटू श्याम जी महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक हैं, जो भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र थे। युद्ध से पहले उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था। उनकी वीरता और समर्पण से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे और उनके दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
खाटू धाम में भक्तों का उमड़ा सैलाब
हर साल की तरह इस बार भी देवउठनी एकादशी पर खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। दूर-दूर से आने वाले भक्त बाबा के दर्शन के लिए कतारों में लगेंगे। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है।





