
gmedianews24.com/नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में घर की सजावट के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी विशेष महत्व होता है। त्योहारों, शुभ अवसरों और पूजा-पाठ के समय घर के मुख्य द्वार पर तोरण या बंदनवार लगाना परंपरा का हिस्सा है। यह न केवल सौंदर्य बढ़ाता है, बल्कि वास्तुशास्त्र की दृष्टि से भी अत्यंत शुभ माना गया है।
तोरण लगाने के फायदे
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में तोरण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुकता है। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को अच्छे स्वास्थ्य, सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
किससे बनाएं शुभ तोरण
तोरण बनाने के लिए आम या अशोक के पत्तों का प्रयोग शुभ माना गया है। इसके साथ ही गेंदे के फूलों का उपयोग भी किया जा सकता है। वास्तुशास्त्र में कहा गया है कि तोरण में 5, 7, 11 या 21 पत्तियों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, आम की पत्तियों पर पीले या लाल चंदन से “शुभ लाभ” लिखना अत्यंत मंगलकारी माना गया है। इससे घर में सकारात्मक तरंगें और भी प्रबल होती हैं।
तोरण सूख जाने पर क्या करें
अक्सर लोग तोरण को लंबे समय तक लगाए रखते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार, जब तोरण की पत्तियां सूख जाएं, तो उसे तुरंत उतार लेना चाहिए। सूखे तोरण को फेंकना अशुभ माना गया है। इसके बजाय उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या मिट्टी में दबा दें। ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाता है और शुभता बनी रहती है।
अगली बार नया तोरण लगाएं
वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि हर शुभ अवसर या त्योहार पर नया तोरण अवश्य लगाना चाहिए। यह घर की पवित्रता और सकारात्मकता को बनाए रखता है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।





