गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर को: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी सामग्री

gmedianews24.com/नई दिल्ली। इस साल गोवर्धन पूजा का पर्व बुधवार, 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की घनघोर वर्षा से रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण किया था। तभी से यह पर्व विशेष महत्व रखता है। यह पर्व मुख्यतः मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल और बरसाना में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
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प्रातःकाल मुहूर्त: सुबह 6:26 से रात 8:42 तक
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सायाह्नकाल मुहूर्त: दोपहर 3:29 से शाम 5:44 तक
पूजा सामग्रियां
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गाय का गोबर (गिरिराज महाराज बनाने के लिए)
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कलश, रोली, घी
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फूल, फूल माला, नारियल
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चावल, दीपक, गंगाजल
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प्रसाद में मिठाई, फल और खीर
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दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे
पूजा विधि
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पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल छिड़कें।
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साफ कपड़ा बिछाकर गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाएं।
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शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करें।
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सबसे पहले दीपक जलाएं और भगवान कृष्ण व गोवर्धन पर्वत की आराधना करें।
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धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल, फूल आदि अर्पित करें।
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गोवर्धन जी की नाभि पर मिट्टी का दीपक या कोई पात्र रखें और उसमें दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे डालें।
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पूजा के बाद प्रसाद के रूप में बांटें और गोवर्धन जी की सात परिक्रमा कर आरती करें।
विशेष कार्य
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इस दिन गाय, बैल और अन्य कृषि कार्य में सहायक पशुओं की पूजा की जाती है।
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अन्नकूट के लिए विशेष रूप से कढ़ी-चावल बनाए जाते हैं।
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भोग में पंचामृत और माखन-मिश्री को शामिल किया जाता है।





