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Ahoi Ashtami 2025: आज अहोई अष्टमी पर करें माता की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

gmedianews24.com/नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 13 अक्टूबर 2025 को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संतान सुख और घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन अहोई माता की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा जाता है और रात में तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से बच्चों के करियर में तरक्की होती है और परिवार में शुभ फल मिलता है।

अहोई अष्टमी 2025 – शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी पूजा विधि

  1. सुबह स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य दें।

  2. व्रत का संकल्प लें।

  3. शाम को अहोई माता की पूजा-अर्चना करें।

  4. दीपक जलाकर आरती करें।

  5. व्रत कथा का पाठ करें।

  6. अहोई माता से संतान सुख और बच्चों की तरक्की की कामना करें।

  7. फल, मिठाई और अन्य वस्तुओं का भोग लगाएं।

  8. रात में तारों को अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें।

अहोई माता की आरती

जय अहोई माता, जय अहोई माता!
तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता।
ब्राहमणी, रुद्राणी, कमला तू ही है जगमाता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता।। जय।।
माता रूप निरंजन सुख-सम्पत्ति दाता।।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता।। जय।।
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता।। जय।।
जिस घर थारो वासा वाहि में गुण आता।।
कर न सके सोई कर ले मन नहीं धड़काता।। जय।।
तुम बिन सुख न होवे न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता।। जय।।
शुभ गुण सुंदर युक्ता क्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू कोई नहीं पाता।। जय।।
श्री अहोई माँ की आरती जो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता।।

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