
gmedianews24.com/डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में गुरुवार की देर शाम परंपरा और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। राजघराने से जुड़े राजकुमार भवानी बहादुर सिंह अपने साथ लगभग 50-60 आदिवासी श्रद्धालुओं के साथ मुख्य मंदिर से दूर एक स्थल पर पारंपरिक पूजा-पाठ कर रहे थे, जिसे लेकर भ्रम और प्रशासनिक हस्तक्षेप हुआ।
सूत्रों के अनुसार, यह समूह रणचंडी मंदिर की सीढ़ियों के पास स्थित क्षेत्र में पहुंचा और अपने कुल परंपरा अनुसार “गढ़ माता” की पूजा कर रहा था। इस दौरान मंदिर प्रबंधन को सूचना मिली कि “बकरे की बलि दी जा रही है”, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम एम. भार्गव, एसडीओपी आशीष कुंजाम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने स्थिति को शांत किया, जिसके बाद सभी श्रद्धालु रात लगभग आठ बजे पैदल मार्ग से नीचे लौट गए।
राजकुमार भवानी बहादुर ने साफ किया कि “हम बलि देने नहीं गए थे, केवल पारंपरिक पूजा कर रहे थे।” उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य केवल अपने कुल परंपरा के अनुसार पूजा करना था, न कि किसी को हानि पहुंचाना।





