करवा चौथ 2025: जानें चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही विधि और चंद्रोदय का समय

gmedianews24.comनई दिल्ली, 10 अक्टूबर। करवा चौथ का व्रत हर साल भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख-समृद्धि के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं।
इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण चंद्रमा को अर्घ्य देना और उनका दर्शन करना होता है। इस साल 2025 में करवा चौथ का चंद्रमा रात 8 बजकर 13 मिनट पर उदय होगा। इसी समय व्रती चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकती हैं।
चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही विधि:
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पूजा की थाली में जल से भरा लोटा या करवा, छलनी, रोली, अक्षत, मिठाई और दीपक रखें।
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लोटे के जल में कच्चा दूध, अक्षत, सफेद चंदन और फूल डालकर अर्घ्य तैयार करें।
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सबसे पहले हाथ जोड़कर चंद्रमा को प्रणाम करें।
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छलनी में जलता दीपक रखकर चंद्रमा का दर्शन करें और धीरे-धीरे जल की धार अर्पित करें।
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इस दौरान पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना करें।
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अर्घ्य देते समय मंत्रों का जाप करें जैसे “ॐ सों सोमाय नमः” या “दधि-शंख-तुषाराभं क्षीरोदार्णव-सम्भवम्। नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट-भूषणम्।”
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अर्घ्य के तुरंत बाद उसी छलनी से पति का चेहरा देखें और उनके हाथों से जल पीकर व्रत का पारण करें।
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अंत में घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।
ध्यान रखें कि अर्घ्य देने और पति का चेहरा देखने से पहले जल या अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। यह रस्म पूरी होने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ के प्रमुख मंत्र:
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ऊँ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
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ऊँ श्रां श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम:।
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ऊँ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।




