
gmedianews24.com/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRC) में हुए 1000 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच CBI को सौंपी है। डिवीजन बेंच के जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सिस्टमेटिक करप्शन का मामला है।
हाईकोर्ट ने बताया कि फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन निकालकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। अदालत ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं को केवल प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं है और राज्य सरकार अपने उच्च अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
हाईकोर्ट के आदेश और कारण
-
CBI को निर्देश: पहले से दर्ज FIR के आधार पर दस्तावेज जब्त करना और जांच जल्द पूरी करना।
-
राज्य सरकार की नाकामी: मामले की तह तक जाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने में विफल।
-
सार्वजनिक धन का दुरुपयोग: यह मामला केवल दिव्यांगों के अधिकारों से जुड़ा नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपए की सार्वजनिक धनराशि के गबन का है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और पूरी जांच के बिना दोषियों तक पहुंचना संभव नहीं है।







