
gmedianews24.com/नई दिल्ली। अमेरिका ने अपने H-1B वीजा की फीस में भारी वृद्धि की है। अब पेशेवरों को H-1B वीजा के लिए लगभग ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹88 लाख चुकाने होंगे। इससे अमेरिका जाने वाले प्रोफेशनल्स के लिए राह मुश्किल हो गई है।
इसी बीच चीन ने ‘K-वीजा’ की घोषणा की है। यह नया वीजा साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (STEM) से जुड़े युवाओं और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए है। 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होने वाले इस वीजा के लिए उम्मीदवारों को चीनी कंपनी से नौकरी का ऑफर होना जरूरी नहीं है। STEM क्षेत्र में रिसर्च कर रहे विद्यार्थी भी इस वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का K-वीजा अमेरिका के H-1B वीजा के विकल्प के रूप में उभर सकता है। H-1B फीस बढ़ने से पेशेवर अब चीन और अन्य देशों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित होंगे।
इस बीच ब्रिटेन भी हाई स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए वीजा फीस खत्म करने पर विचार कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों ने दुनिया की टॉप 5 यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है या कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीता है, उनके वीजा शुल्क में छूट दी जा सकती है। फिलहाल, ब्रिटेन के ग्लोबल टैलेंट वीजा की आवेदन फीस लगभग 766 पाउंड (करीब 90 हजार रुपये) है।







