
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार अशोक का पेड़ घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। इसे सही दिशा और शुभ मुहूर्त में लगाने से शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि बढ़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अशोक का पेड़ वास्तु दोष दूर करने में भी सहायक है।
धार्मिक महत्व
रामायण में माता सीता को अशोक वाटिका में रखा गया था। इसके पत्तों का उपयोग पूजा, तोरण और मंगल कार्यों में किया जाता है। वास्तु के अनुसार अशोक माता लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक है। रोजाना इस पेड़ को जल अर्पित करने से वैवाहिक सुख, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता मिलती है।
घर में लगाने के फायदे
अशोक लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, दुख और कलह दूर होते हैं। यह मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और धन प्राप्ति में सहायक है। वैज्ञानिक रूप से भी अशोक पेड़ ऑक्सीजन प्रदान करता है और वातावरण को शुद्ध करता है।
सही दिशा और तरीके
वास्तु के अनुसार, अशोक का पेड़ उत्तर दिशा में लगाना सबसे शुभ है। मुख्य द्वार के पास कोने में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। इसे शुभ मुहूर्त में लगाएं, रोजाना जल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
गलतियों से बचें
अशोक को दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व में न लगाएं। टूटे या मुरझाए पेड़ का चयन न करें और मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं लगाएं। गलत दिशा में लगाने से वास्तु दोष बढ़ सकता है।
वैज्ञानिक और स्वास्थ्य लाभ
अशोक के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा रोगों में लाभकारी हैं। यह पेड़ वातावरण को शुद्ध करता है और मानसिक शांति देता है।





