
gmedianews24.com/रायपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने राज्य सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया की आय से अधिक 16 चल-अचल संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति विशेष न्यायालय से मांगी है। ब्यूरो का आरोप है कि सौम्या ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली और कमीशनखोरी से करोड़ों की रकम अर्जित की, जिससे परिजनों और अन्य लोगों के नाम पर 45 संपत्तियां खरीदी गईं।
EOW ने कोर्ट को बताया कि भिलाई-दुर्ग जिले में स्थित संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व सौम्या का है। इनमें से 29 संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही अटैच कर चुका है। अब शेष 16 संपत्तियों को भी आय से अधिक संपत्ति मानते हुए अटैच करने की अनुमति मांगी गई है।
वहीं, बचाव पक्ष ने इस कार्रवाई का विरोध किया और कोर्ट में दो पन्नों का आवेदन प्रस्तुत करते हुए तर्क दिया कि जिन संपत्तियों को सौम्या की बताया जा रहा है, वे उनके परिजनों द्वारा खरीदी गई हैं और इसके दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। बचाव पक्ष ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 22 सितंबर को पक्ष रखने का अवसर दिया।
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रायपुर जेल से रिहा किया गया था। कोर्ट के निर्देश के अनुसार वे फिलहाल बेंगलुरु में रह रही हैं और हर पेशी पर अदालत में हाजिर हो रही हैं।






