
gmedianews24.com/नई दिल्ली, 18 सितम्बर। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति को लेकर उनके कथित बयान को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दिखाया गया।
CJI ने कहा, “मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं।” वहीं, बेंच के जस्टिस विनोद चंद्रन ने सोशल मीडिया को एंटी-सोशल मीडिया करार दिया और बताया कि उनके बारे में भी ऑनलाइन गलत तरीके से जानकारी फैलती है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोशल मीडिया पर बातें अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जाती हैं और CJI सभी धर्मस्थलों का सम्मान करते हैं। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी सहमति जताई कि सोशल मीडिया की वजह से वकीलों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।





