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शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से: वास्तु नियमों का रखें ध्यान, मिलेगी सुख-समृद्धि और शनि देव की कृपा

gmedianews24.com/नई दिल्ली। इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना के साथ-साथ घर में वास्तु नियमों का पालन करना भी बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कई तरह की बाधाएं दूर हो जाती हैं।

घर की सफाई और दक्षिण-पश्चिम दिशा का महत्व
नवरात्र से पहले घर और मंदिर की पूरी साफ-सफाई करना आवश्यक है। वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसे शनि का क्षेत्र माना जाता है। इस स्थान पर टूटा-फूटा या भारी सामान रखने से बचें। यहां आप कीमती सामान, गहने और महत्वपूर्ण दस्तावेज रख सकते हैं।

मुख्य द्वार पर रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। नवरात्र में मुख्य द्वार की साफ-सफाई अवश्य करें और यहां कूड़ेदान या झाड़ू न रखें। दरवाजा बिना आवाज के खुलना चाहिए। शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

अखंड ज्योत और दीपक का महत्व
अगर आप नवरात्र में अखंड ज्योत जला रहे हैं, तो इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन शाम को घर के चारों कोनों में दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर में शांति बनी रहती है।

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