
gmedianews24.com/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बड़ा झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि लखमा पर लगे आरोप गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़े हैं और अभी जांच जारी है। ऐसे में उन्हें जमानत देने पर सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 तक लखमा ने एफएल-10ए लाइसेंस नीति लागू कर अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा दिया। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट से उन्हें हर महीने लगभग 2 करोड़ रुपये मिलते थे और इस तरह कुल 72 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई।





