
gmedianews24.com/रायपुर। बहुचर्चित आबकारी घोटाले मामले में फंसे 28 आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सभी आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में अब भी लगातार नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोटाले में न केवल सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया बल्कि लाइसेंस और कमीशन की बंदरबांट कर कारोबारी हितों को साधा गया। अधिकारियों और कारोबारी गठजोड़ ने विदेशी शराब कंपनियों पर दबाव बनाया कि वे राज्य में अपना माल बेचने के लिए तय कमीशन दें।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था। घोटाले से मिली रकम को कई कंपनियों और फ्रंट फर्म्स के जरिए इधर-उधर घुमाया जाता था, ताकि काले धन का पता न चल सके।
ईडी ने साफ किया है कि आबकारी घोटाले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और बड़े खुलासे होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी आरोपी अधिकारियों पर जांच का शिकंजा ढीला नहीं होगा।







