
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम का जन्मदिन, यानी राम नवमी, बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष राम नवमी 26 मार्च को है। इस खास दिन श्रद्धालक विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं।
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि राम नवमी के दिन प्रभु श्रीराम की पूजा करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और साधक को शुभ फल प्राप्त होता है। इस दिन श्रीराम स्तुति का पाठ करना अनिवार्य माना जाता है। ऐसा करने से भय, परेशानियों और नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
श्रीराम स्तुति
इस दिन तुलसीदास द्वारा रचित श्रीराम स्तुति का पाठ किया जाता है। कुछ प्रमुख दोहे इस प्रकार हैं:
- दोहा 1:
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥ - दोहा 2:
कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥ - दोहा 3:
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥
(इस तरह कुल सात दोहे और सोरठा आदि भी पढ़े जाते हैं।)
श्रीराम मंत्र
राम नवमी पर इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है:
- ॐ श्री रामाय नमः।
- ॐ श्री रामचन्द्राय नमः।
- ॐ रां रामाय नमः।
- श्रीराम तारक मंत्र – श्री राम, जय राम, जय जय राम।
- श्रीराम गायत्री मंत्र – ॐ दाशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्।
- श्रीराम रक्षा मंत्र – ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः।
- राम ध्यान मंत्र – श्री रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।
- विपत्ति में रक्षा हेतु – राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।







