
gmedianews24.com/रायपुर। रायपुर में निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई निजी स्कूल CG बोर्ड की मान्यता लेकर CBSE पैटर्न का झांसा देकर अभिभावकों और छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। बिना CBSE संबद्धता के ही ये स्कूल NCERT किताबें लागू कर महंगी फीस वसूल रहे हैं, जबकि अंत में छात्रों को CG बोर्ड की केंद्रीकृत परीक्षा देनी पड़ रही है।
पैरेंट्स एसोसिएशन ने उठाई आवाज
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभिभावकों का आरोप है कि हर साल फीस, किताब और ड्रेस के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये की वसूली की जा रही है।
राज्य में स्कूलों की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कुल 57,053 स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 6,800 निजी स्कूल हैं। इनमें से करीब 6,100 स्कूल CG बोर्ड (हिंदी और अंग्रेजी माध्यम) से संबद्ध हैं, जबकि केवल 520 स्कूल ही वास्तविक रूप से CBSE से जुड़े हैं और मात्र 24 स्कूल ICSE बोर्ड के अंतर्गत आते हैं।
महंगी किताबों का खेल उजागर
पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष द्वारा जारी रिपोर्ट में 1,784 ऐसे CG बोर्ड मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची सामने आई है, जिन्होंने सरकारी निशुल्क किताबें नहीं लीं और इसके बजाय छात्रों को महंगी निजी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया।
जिलेवार चौंकाने वाले आंकड़े
निःशुल्क किताबें नहीं लेने वाले स्कूलों की संख्या भी चिंताजनक है—रायपुर (107), बिलासपुर (157), दुर्ग (135), जांजगीर-चंपा (106), सूरजपुर (106), सरगुजा (85), कोरबा (89), रायगढ़ (73), मुंगेली (74), महासमुंद (66) सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में स्कूल इस सूची में शामिल हैं।







