
gmedianews24.com/नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए भारतीय झंडे वाले टैंकरों को अनुमति दी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि लगातार कूटनीतिक बातचीत के बाद यह संभव हो पाया है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि किसी भी संकट के समाधान के लिए संवाद बेहद जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि भारत लगातार ईरान से संपर्क में है और बातचीत के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
विदेश मंत्री के अनुसार, भारत और ईरान के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं और इन्हीं रिश्तों के आधार पर यह बातचीत आगे बढ़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया है।
जयशंकर ने कहा कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए कोई व्यापक व्यवस्था नहीं की गई है और हर जहाज की आवाजाही अलग-अलग परिस्थितियों में तय हो रही है। फिलहाल इस मुद्दे पर बातचीत जारी है क्योंकि क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद हैं।
इस बीच जानकारी सामने आई है कि एलपीजी से भरे दो भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण यह जलडमरूमध्य एक अहम ‘चोकपॉइंट’ बन गया है।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी से अरब सागर तक पहुंचने का एकमात्र समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस रास्ते पर किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।







