
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी हर वस्तु और उसकी दिशा का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि किसी वस्तु को गलत दिशा में रखा जाए तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा जीवन में कई प्रकार की परेशानियां पैदा कर सकती है। यही कारण है कि वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार यानी मेन डोर से जुड़ी बातों को भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
मेन डोर की सजावट का विशेष महत्व
अक्सर लोग अपने घर के मुख्य द्वार को सुंदर बनाने के लिए अलग-अलग तरह की सजावट करते हैं। कई लोग घर के बाहर या मेन डोर के पास भगवान गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर भी लगा देते हैं, क्योंकि उन्हें विघ्नहर्ता माना जाता है। हालांकि वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे लगाने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।
क्या बाहर की ओर गणेश जी की मूर्ति लगाना सही है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार यदि भगवान गणेश जी की मूर्ति इस तरह लगाई जाती है कि उनका मुख बाहर की ओर हो और पीठ घर की ओर, तो इसे शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी की पीठ की दिशा में दरिद्रता और सामने की ओर रिद्धि-सिद्धि का वास होता है। ऐसे में यदि उनकी पीठ घर की ओर रहती है तो यह नकारात्मक प्रभाव का कारण बन सकती है।
ऐसे करें सही व्यवस्था
यदि आप घर के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर रखना चाहते हैं तो उसे इस प्रकार रखें कि उनकी पीठ घर की ओर न हो। इस तरह रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।
इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मूर्ति या तस्वीर हमेशा साफ-सुथरी रहे। वास्तु के अनुसार गंदी या धूल से ढकी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं, इसलिए समय-समय पर उसकी सफाई करना भी जरूरी है।





