[metaslider id="31163"]
Featuredदेश

जम्मू-कश्मीर में आतंक के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, जलशक्ति विभाग के 3 कर्मचारी बर्खास्त

gmedianews24.com/जम्मू। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने आतंक के इकोसिस्टम पर बड़ा प्रहार करते हुए जलशक्ति विभाग के तीन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि ये कर्मचारी सरकारी तंत्र में रहते हुए आतंकियों और अलगाववादियों की मदद कर रहे थे। तीनों आरोपियों पर आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने, हथियार और पैसे की व्यवस्था करने तथा सुरक्षाबलों की गतिविधियों की जानकारी पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं।

आतंकियों के लिए करते थे काम

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि ये तीनों कर्मचारी आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम कर रहे थे। वे आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करते थे, उनके लिए पैसों का इंतजाम करते थे और हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद करते थे।

इसके अलावा ये सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आतंकियों तक पहुंचाते थे। यही नहीं, ये लोग सुरक्षाबलों के ठिकानों की रेकी भी करते थे और उन राष्ट्रवादी लोगों की पहचान करते थे जो आतंक और अलगाववादी गतिविधियों का विरोध करते थे।

2019 में हुए थे गिरफ्तार

जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में शौकत जरगर निवासी अनंतनाग शामिल है, जबकि कौसर हुसैन और लियाकत अली किश्तवाड़ के रहने वाले हैं। शौकत जरगर विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी था, जबकि कौसर हुसैन और लियाकत अली अस्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे।

जानकारी के मुताबिक तीनों को वर्ष 2019 में ही सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया था और तब से वे जेल में बंद हैं। जांच में उनके आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद प्रशासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया।

आतंक के खिलाफ सख्त रुख

प्रशासन का कहना है कि आतंकवाद और उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकारी संस्थानों में छिपे ऐसे तत्वों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Back to top button