
gmedianews24.com/नई दिल्ली। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर केंद्र सरकार अब नई रणनीति पर काम कर रही है। लंबे समय से चर्चा में रहे महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के लिए सरकार कानून में संशोधन का रास्ता तलाश रही है, ताकि महिलाओं को इसका लाभ जल्द मिल सके।
दरअसल, साल 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था। हालांकि इस कानून में यह व्यवस्था की गई थी कि आरक्षण नई जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा।
2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने की तैयारी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार चाहती है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ 2029 लोकसभा चुनाव से पहले ही मिल जाए। इसके लिए महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग करने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर सरकार ने विपक्षी दलों से अनौपचारिक बातचीत भी शुरू कर दी है, ताकि संसद में आवश्यक समर्थन जुटाया जा सके। अगर सभी दलों के बीच सहमति बनती है तो मौजूदा संसद सत्र में ही संविधान संशोधन विधेयक लाने की संभावना भी जताई जा रही है।
संविधान संशोधन की हो सकती है पहल
महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जो संविधान का 128वां संशोधन है। लेकिन इस कानून में यह स्पष्ट किया गया था कि आरक्षण तब ही लागू होगा जब नई जनगणना पूरी होगी और उसके आधार पर परिसीमन प्रक्रिया संपन्न होगी।
फिलहाल परिसीमन की प्रक्रिया 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक स्थगित है। सरकार ने दिसंबर 2025 में जनगणना को मंजूरी दी है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। अनुमान है कि जनगणना का पूरा डेटा 2027 तक सामने आ सकता है। इसके बाद परिसीमन आयोग का गठन होगा और पूरी प्रक्रिया पूरी होने में करीब 2 से 3 साल का समय लग सकता है।
क्या है महिला आरक्षण कानून
महिला आरक्षण कानून यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करना है।







