
gmedianews24.com/नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित होता है। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव को काशी का कोतवाल और संकटों को दूर करने वाला देवता माना जाता है।
मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन किए गए विशेष उपाय व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, नजर दोष और जीवन की परेशानियों से मुक्ति दिलाने में सहायक होते हैं। अगर किसी के बनते काम बिगड़ रहे हों, घर में क्लेश रहता हो या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हों, तो इस दिन किए गए कुछ उपाय लाभकारी माने जाते हैं।
नजर दोष से बचने के उपाय
काला धागा धारण करें
कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर जाकर उनके चरणों से थोड़ा सिंदूर लेकर काले धागे पर लगाएं। इसके बाद “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” मंत्र का जाप करते हुए इस धागे को दाएं हाथ की कलाई या गले में धारण करें। माना जाता है कि यह धागा सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी नजर से रक्षा करता है।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं
शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। दीपक की लौ से थोड़ा काजल बनाकर घर के बच्चों और अन्य सदस्यों के कान के पीछे लगाएं। धार्मिक मान्यता है कि कालाष्टमी पर भैरव जी के सामने जलाए गए दीपक का काजल नजर दोष को दूर करने में मदद करता है।
नींबू और मिर्च का उपाय
एक साफ नींबू लेकर नजर लगे व्यक्ति के सिर से पैर तक 21 बार उतारें। इसके बाद नींबू के चार टुकड़े कर कालाष्टमी की रात किसी सुनसान चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें और पीछे मुड़कर न देखें। माना जाता है कि इससे नजर दोष और तंत्र बाधा दूर होती है।
कालाष्टमी के दिन करें ये काम
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काले कुत्तों को मीठी रोटी या गुड़ खिलाएं।
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तामसिक भोजन से दूर रहें।
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अधिक से अधिक दान-पुण्य करें।
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गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान काल भैरव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।







