
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार 03 मार्च 2026 को होलिका दहन के साथ चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं और सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
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ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03 बजकर 20 मिनट
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पूर्ण चंद्र ग्रहण: शाम 05 बजकर 04 मिनट
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ग्रहण का समापन: शाम 06 बजकर 46 मिनट
सूतक काल का समय
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। 03 मार्च को सूतक काल सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू हो गया है। ग्रहण समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो जाएगा।
चंद्र ग्रहण में क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार—
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सूतक काल से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें।
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मंदिर के कपाट बंद रखें।
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मन ही मन मंत्रों का जप करें।
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ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर और मंदिर की साफ-सफाई करें।
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गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण करें।
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पूजा-अर्चना कर अन्न, धन और अन्य वस्तुओं का दान करें।
क्या न करें?
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सूतक काल में भोजन न करें।
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पूजा-पाठ और मूर्तियों का स्पर्श न करें।
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वाद-विवाद से बचें।
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गर्भवती महिलाएं नुकीली वस्तुओं (चाकू, कैंची, सुई आदि) का उपयोग न करें।
कहां दिखाई देगा ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण देश के कई प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, प्रयागराज, कानपुर, मुंबई और कोलकाता में दिखाई देगा।
धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के बाद चावल, चीनी, अन्न और धन का दान करने से अशुभ प्रभाव कम होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे वैज्ञानिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए परंपराओं का पालन सावधानी के साथ करें।






