
gmedianews24.com/पंचकूला। IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा से जुड़े कथित 590 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले की जांच तेज हो गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही मामले में नए-नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।
मामले पर Enforcement Directorate (ईडी) भी कड़ी नजर बनाए हुए है और पूछताछ का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपित नेटवर्क ने बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए धनराशि को कई चरणों में ट्रांसफर किया, ताकि संदेह से बचा जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कथित घोटाले की रकम से लग्जरी एसयूवी खरीदी गईं और पारिवारिक खर्चों में भी बड़ी राशि खर्च की गई। एजेंसियां अब उन संपत्तियों और निवेशों की भी पड़ताल कर रही हैं, जो संदिग्ध लेन-देन से जुड़े हो सकते हैं।
फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि सिंगला परिवार और रिभव ऋषि पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है। धन के प्रवाह को वैध दिखाने के लिए जाली दस्तावेजों और संदिग्ध कॉरपोरेट इकाइयों का सहारा लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, आंतरिक बैंकिंग संपर्कों के जरिए कुछ ट्रांजेक्शनों को सामान्य रूप देने की कोशिश भी की गई, जिससे सिस्टम में अलर्ट ट्रिगर न हो। फिलहाल एजेंसियां लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।






