gmedianews24.com/रायपुर। प्रदेश की जेलों से अवैध मोबाइल संचालन की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जेल मुख्यालय ने तकनीकी उन्नयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब प्रदेश के सभी कारागारों में वर्षों पुराने 2जी मोबाइल जैमर्स को हटाकर 4जी और 5जी नेटवर्क को रोकने वाली अत्याधुनिक तकनीक लगाए जाने की तैयारी है। यह व्यवस्था तिहाड़ जेल और यरवदा जेल की तर्ज पर लागू की जाएगी।
क्यों बदली जा रही है व्यवस्था?
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान जैमर केवल 2जी नेटवर्क तक ही सीमित हैं, जबकि कैदी अब 4जी-5जी सिम और स्मार्टफोन के जरिए व्हाट्सएप कॉल व इंटरनेट आधारित संचार का उपयोग कर रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए Harmonious Call Blocking System (HCBS) और नॉइज़ टेक्नोलॉजी जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, जिससे कॉलिंग के साथ-साथ डेटा सेवाएं भी पूरी तरह बंद हो सकेंगी।
आम नागरिकों को नहीं होगी परेशानी
नई प्रणाली में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जैमर का प्रभाव केवल जेल परिसर तक सीमित रहे। जेल के आसपास रहने वाले लोगों के मोबाइल नेटवर्क पर कोई असर न पड़े, इसके लिए बाउंड्री-आधारित सिग्नल ब्लॉकिंग तकनीक अपनाई जाएगी।






