
gmedianews24.com/तेहरान/वॉशिंगटन — पश्चिम एशिया में रविवार सुबह एक बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। ईरान के सर्वोच्च नेता की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत होने की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया और फार्स न्यूज़ एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए, जिनमें बेटी, दामाद, बहू और पोती शामिल बताए जा रहे हैं। सरकार ने पूरे देश में 40 दिनों के राजकीय शोक और 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया है।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’: आवास और कार्यालय पर सीधा हमला
बताया जा रहा है कि यह हमला तेहरान में स्थित उनके आधिकारिक आवास और कार्यालय पर किया गया। हमले के समय वे परिवार और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में मौजूद थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सैन्य कार्रवाई को “न्याय” करार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस संयुक्त अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया था, जिसमें लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया।
IRGC की चेतावनी — जवाबी हमला होगा
सुप्रीम लीडर की मौत के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कड़ा बयान जारी किया है। संगठन ने कहा है कि इस घटना का बदला “इतिहास के सबसे खतरनाक हमले” के रूप में लिया जाएगा और जवाबी कार्रवाई की तैयारी पूरी है।
वैश्विक असर — दुनिया भर में सुरक्षा अलर्ट
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।







