
gmedianews24.com/रायपुर। रायपुर–महासमुंद रेल खंड पर राजधानी के कचना रेलवे फाटक पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों रेल लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान लेवल क्रॉसिंग गेट खुला हुआ था। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, वरना जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय अप और डाउन दोनों लाइन से ट्रेनें रायपुर की ओर आ-जा रही थीं। वहीं, कचना पार क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों की भारी भीड़ लेवल क्रॉसिंग पर मौजूद थी। कई लोग बाइक और कार से रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई।
गेट मैन की लापरवाही का आरोप
प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे गेट मैन की लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं होता। जानकारी के मुताबिक कचना लेवल क्रॉसिंग और गेट आरवीएच सिग्नल केबिन से इंटरलाकिंग सिस्टम से जुड़ा हुआ है। यानी इसी सिग्नल केबिन से कचना गेट का संचालन (खुलना-बंद होना) होता है। ऐसे में तकनीकी चूक या मानवीय लापरवाही—दोनों ही पहलुओं की जांच जरूरी हो जाती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यस्त रेल खंड पर यदि ट्रेनों की आवाजाही के बीच गेट खुला रह सकता है, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी यहां सुरक्षा को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर नहीं पहुंचे रेल अधिकारी
घटना के बाद भी मौके पर किसी वरिष्ठ रेल अधिकारी के पहुंचने की सूचना नहीं है। इससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच और कार्रवाई की मांग
रेलवे प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि इस गंभीर लापरवाही की तत्काल जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि गेट मैन की गलती थी या इंटरलाकिंग सिस्टम में तकनीकी खामी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग उठ रही है।







