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जनरल नरवणे की किताब विवाद पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह — पूर्व सैन्य अधिकारियों को लिखने से नहीं रोका जाएगा

gmedianews24.com/नई दिल्ली। राजनाथ सिंह ने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व सेना प्रमुखों या सैन्य अधिकारियों को किताब लिखने से नहीं रोका जाएगा। साथ ही उन्होंने उन खबरों को भी पूरी तरह गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि सेना से जुड़े अधिकारियों को रिटायरमेंट के 20 साल बाद तक किताब लिखने की अनुमति नहीं होगी।

संसद में उठा था मुद्दा, हुआ था हंगामा

हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की पुस्तक को प्रकाशन की अनुमति दिए जाने को लेकर सरकार से सवाल किए थे। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही प्रभावित रही।

जनरल नरवणे मार्च 2020 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे, जब भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव और गलवान घाटी में झड़प हुई थी।

अक्टूबर 2023 में उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपनी आत्मकथा Four Stars of Destiny लिखी है, जिसके कुछ अंश भी सामने आए थे।

किताब में संवेदनशील घटनाओं का जिक्र

जनरल नरवणे ने पुस्तक में गलवान घाटी की झड़प और चीन के साथ डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया है। इसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी, एस जयशंकर और अजीत डोवल सहित शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बातचीत और बैठकों का क्रमवार उल्लेख किया है।

किताब में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी और चाइना स्टडी ग्रुप की बैठकों का भी जिक्र बताया गया है। साथ ही उन्होंने सैन्य कमांडरों के साथ बातचीत और दिए गए निर्देशों का भी विवरण लिखा है।

रक्षा मंत्रालय ने मांगा किताब का ड्राफ्ट

किताब में संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक जानकारी होने की आशंका के चलते रक्षा मंत्रालय ने सीधे लेखक के बजाय प्रकाशक से पुस्तक का पूरा ड्राफ्ट तलब किया।

बताया जा रहा है कि अप्रैल 2024 में प्रस्तावित प्रकाशन को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। सूत्रों के अनुसार, किताब के प्रकाशन को सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े कारणों के चलते रोका गया है।

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