
gmedianews24.com/भारत में नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा अब करीब आ गई है। नरेंद्र मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक बार फिर बड़े स्तर पर अभियान तेज कर दिया गया है। सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में सुरक्षाबल सघन ऑपरेशन चला रहे हैं।
300 नक्सली और चार शीर्ष कमांडर रडार पर
सुरक्षाबलों के निशाने पर प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के चार शीर्ष केंद्रीय समिति सदस्य हैं, जिनमें
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मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर
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देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन
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राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव
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मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर
शामिल हैं। इन चारों के साथ करीब 300 नक्सलियों की तलाश जारी है।
नक्सल प्रभावित जिलों में कमी
गृह मंत्रालय के मुताबिक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार तय समयसीमा तक नक्सलवाद खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा पर सघन अभियान
खुफिया जानकारी के अनुसार देवजी और उसके सहयोगी केसा सोढ़ी के इलाके में मौजूद होने की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेड्डी को छोड़कर बाकी शीर्ष कमांडर इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं, जबकि रेड्डी के ओडिशा में छिपे होने की आशंका है।
आत्मसमर्पण या कार्रवाई
अधिकारियों ने साफ कहा है कि नक्सलियों को आत्मसमर्पण का मौका दिया जा रहा है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो मार्च 2026 की समयसीमा तक नक्सलवाद खत्म करने के लक्ष्य के तहत सुरक्षाबल सघन अभियानों में उन्हें निष्क्रिय करेंगे।







