
gmedianews24.com/विजय माल्या ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया है कि वे भारत लौटने की कोई पक्की तारीख नहीं दे सकते। उनकी ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कानूनी कारणों से माल्या पर यूके छोड़ने की पाबंदी है और उनका भारतीय पासपोर्ट भी रद्द किया जा चुका है, इसलिए उनकी वापसी की समयसीमा तय नहीं हो सकती।
यूके छोड़ने पर कानूनी रोक
माल्या की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने अदालत में कहा कि उन्हें यूनाइटेड किंगडम छोड़ने या अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े किसी दस्तावेज के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में यह बताना संभव नहीं है कि वे भारत कब लौटेंगे।
माल्या ने अपने बयान में कहा कि 2016 में उनका भारतीय पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था और इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों के आदेश के चलते उन्हें देश छोड़ने से रोका गया है।
वापसी तक याचिका पर सुनवाई नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश अलोक अराधे चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं आते, तब तक उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने पहले उनसे यह भी पूछा था कि क्या उनका भारत लौटने का इरादा है।
दो याचिकाएं दायर
माल्या 2016 से यूके में रह रहे हैं और हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर कर चुके हैं।
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पहली याचिका में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
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दूसरी याचिका में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता पर सवाल उठाया गया है।
माल्या पर हजारों करोड़ रुपये के बैंक ऋण की अदायगी में चूक और मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों का सामना करने के आरोप हैं। अदालत में अब उनकी वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की सुनवाई की दिशा तय होगी।







