
gmedianews24.com/मुंबई। महाराष्ट्र में मुसलमानों को मिलने वाले 5% आरक्षण को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने इस आरक्षण से जुड़ा पुराना आदेश रद्द कर दिया है। सरकार के फैसले के बाद अब कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मुसलमानों को इस कोटे के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा।
सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इसका कड़ा विरोध जताया है।
इम्तियाज जलील का सरकार पर तंज
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए इसे मुसलमानों के लिए “रमजान का तोहफा” बताया और सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि अदालत ने पहले यह टिप्पणी की थी कि मुसलमानों में पढ़ाई छोड़ने की दर सबसे ज्यादा है, इसके बावजूद आरक्षण खत्म करना चिंताजनक है। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई जारी रखने की अपील करते हुए कहा — “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया।”
नए प्रमाणपत्र जारी नहीं होंगे
सरकार के आदेश के अनुसार:
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कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में 5% आरक्षण का लाभ अब नहीं मिलेगा।
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नई जाति प्रमाणपत्र या वैधता प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाएंगे।
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पहले जारी सभी संबंधित आदेश प्रभावी नहीं रहेंगे।
इस फैसले से मुस्लिम छात्रों और युवाओं के सामने शिक्षा से जुड़ी नई चुनौतियां खड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
विरोध प्रदर्शन की संभावना
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस फैसले के खिलाफ AIMIM और अन्य विपक्षी दल आने वाले समय में विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। राज्य में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।







