
gmedianews24.com/अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर नई कूटनीतिक बातचीत जारी है। इसी बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ा दी है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 50 से ज्यादा फाइटर जेट क्षेत्र में भेजे गए हैं। यह तैनाती हवाई और नौसैनिक दोनों तरह की सैन्य शक्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। स्वतंत्र हवाई निगरानी और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में कई आधुनिक लड़ाकू विमान उड़ान भरते हुए देखे गए हैं, जिनके साथ एयर रिफ्यूलिंग टैंकर भी तैनात किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय तक सैन्य ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है।
रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इस तैनाती की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सिओस ने दी। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में फाइटर जेट भेजे गए हैं।
एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी बढ़ा आगे
अमेरिकी नौसेना के अनुसार यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन से निकलकर मध्य अटलांटिक में पहुंच चुका है और मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ कई गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर भी तैनात हैं।
हालांकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह समूह ईरान के नजदीक पहुंचने में एक सप्ताह से अधिक समय ले सकता है। इससे पहले भी यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित अन्य अमेरिकी नौसैनिक और हवाई ताकतें क्षेत्र में पहले से मौजूद हैं।
जिनेवा वार्ता में प्रगति, पर कई मुद्दे बाकी
कूटनीतिक मोर्चे पर बातचीत जारी है। जिनेवा में हुई बैठक में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अभी कई अहम मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों ने सैन्य गतिविधियों के बावजूद कूटनीति को लेकर आशावादी रुख बनाए रखा है।
ईरान के प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि वे दो सप्ताह में विस्तृत प्रस्ताव लेकर फिर बातचीत के लिए लौटेंगे।
ईरान ने बताया सकारात्मक संकेत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत को “गंभीर, रचनात्मक और सकारात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक की तुलना में बेहतर प्रगति हुई है और आगे का रास्ता अब अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है।







