
gmedianews24.com/वैश्विक तनाव के माहौल के बीच अमेरिका और ईरान के संबंधों को लेकर नई कूटनीतिक पहल की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर मौका मिलता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई से मिलने को तैयार होंगे।
बातचीत से समाधान में ट्रंप का विश्वास
एक बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी से भी मिलने को तैयार रहते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का समाधान संवाद से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात किसी सहमति या रियायत का संकेत नहीं होगी, बल्कि बातचीत को समाधान का माध्यम मानने की नीति का हिस्सा होगी।
टकराव नहीं, समझौते को प्राथमिकता
रुबियो ने कहा कि ट्रंप टकराव की बजाय समझौते के जरिए समस्याओं को समाप्त करना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि सीधे संवाद से गलतफहमियां कम होती हैं और स्थायी समाधान की संभावना बढ़ती है।
वैश्विक संबंधों पर भी टिप्पणी
अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर बोलते हुए रुबियो ने कहा कि सहयोगी देशों के चीन के साथ बढ़ते संबंधों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। बड़ी शक्तियों के बीच संवाद और संपर्क बनाए रखना सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है, जिससे टकराव से बचा जा सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। रुबियो के मुताबिक इसका उद्देश्य अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों को संभावित हमलों से सुरक्षित रखना है।
उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा और इसे वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।







