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14 फरवरी को क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे? प्रेम और बलिदान की कहानी से जुड़ा है इतिहास

gmedianews24.com/नई दिल्ली। आज 14 फरवरी को पूरी दुनिया में वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। यह दिन प्रेम और भावनाओं के इजहार का प्रतीक माना जाता है। दुनियाभर में प्रेमी जोड़े इस दिन का सालभर इंतजार करते हैं और अपने खास साथी के साथ इसे अलग-अलग अंदाज में मनाते हैं। कोई अपने प्यार का इजहार करता है, तो कोई अपने पार्टनर के साथ यादगार पल बिताकर इस दिन को खास बनाता है।

प्रेम और बलिदान की कहानी से जुड़ा इतिहास

14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे एक ऐतिहासिक कथा जुड़ी हुई है। मान्यता है कि तीसरी शताब्दी में रोम के सम्राट क्लॉडियस द्वितीय ने प्रेम और विवाह पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। उनका मानना था कि शादी करने से सैनिकों की शक्ति और एकाग्रता कम हो जाती है, इसलिए उन्होंने सैनिकों और अधिकारियों के विवाह पर रोक लगा दी।

लेकिन पादरी संत वैलेंटाइन ने सम्राट के आदेशों का विरोध करते हुए प्रेम का संदेश फैलाया और कई सैनिकों तथा प्रेमी जोड़ों का विवाह कराया। जब यह बात सम्राट को पता चली तो उन्होंने संत वैलेंटाइन को जेल में डाल दिया। बाद में 14 फरवरी 270 को उन्हें फांसी दे दी गई। प्रेम के लिए दिए गए इस बलिदान की स्मृति में हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने की परंपरा शुरू हुई।

बढ़ती लोकप्रियता, कुछ जगह विरोध भी

सोशल मीडिया और वैश्विक संस्कृति के प्रभाव से वैलेंटाइन डे की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। लोग फूल, चॉकलेट और उपहार देकर अपने प्रेम का इजहार करते हैं।

हालांकि भारत में कुछ सामाजिक और सांस्कृतिक समूह इस दिन के उत्सव का विरोध भी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा और प्रेमी जोड़े इस दिन को उत्साह के साथ मनाते हैं।

वैलेंटाइन डे अब केवल प्रेम का इजहार ही नहीं, बल्कि भावनाओं, रिश्तों और समर्पण का प्रतीक बन चुका है। दुनिया भर में लोग इस दिन को अपने प्रियजनों के साथ खास अंदाज में मनाकर प्रेम की भावना को साझा करते हैं।

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