gmedianews24.com/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला के एक गांव में आधी रात इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। जंगल की ओर से आ रही रोने की आवाज ने ग्रामीणों को चौंका दिया। अंधेरे और सन्नाटे के बीच जब लोग आवाज की दिशा में पहुंचे तो वहां एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गांव की महिलाएं और युवक बिना देर किए मौके पर पहुंचे और बच्चे को सुरक्षित गांव ले आए। सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए। देर रात ही एम्बुलेंस की व्यवस्था कर शिशु को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और स्वास्थ्य अमले को तत्काल अलर्ट किया गया।
खुले में पड़े रहने के कारण नवजात को कीड़े-मकोड़ों ने काट लिया था, जिससे उसकी हालत नाजुक हो सकती थी। समय पर मदद नहीं मिलती तो बच्चे की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल शिशु की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने मासूम को इस तरह जंगल में छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूरे इलाके में इस घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।







