[metaslider id="31163"]
Featuredदेश

वन नेशन, वन इलेक्शन से मतदाता अधिकार या संघीय ढांचे पर असर नहीं: पूर्व CJI बीआर गवई

gmedianews24.com/नई दिल्ली.जस्टिस बीआर गवई ने वन नेशन, वन इलेक्शन (ONOE) को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि एक देश एक चुनाव लागू होने से मतदाता अधिकार प्रभावित नहीं होंगे और न ही देश के संघीय ढांचे पर कोई असर पड़ेगा।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने यह बात वन नेशन, वन इलेक्शन पर हुई जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की बैठक के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत संसद को चुनावों को एक साथ कराने के लिए आवश्यक संशोधन लागू करने की शक्ति प्राप्त है।

संसद के पास है संशोधन की शक्ति

जस्टिस गवई ने कहा कि यदि संविधान के अनुरूप संशोधन किया जाता है तो एक साथ चुनाव कराने में कोई संवैधानिक बाधा नहीं है। यह व्यवस्था मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगी और संघीय संरचना भी सुरक्षित रहेगी।

अंतिम निष्कर्ष के करीब JPC

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति अपने अंतिम निष्कर्ष के करीब पहुंच चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि समिति की रिपोर्ट मार्च के अंत तक सामने आ सकती है।

देशभर में जारी है बहस

वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर देश में लंबे समय से चर्चा जारी है। समर्थक इसे चुनावी खर्च कम करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने वाला कदम मानते हैं, जबकि कुछ राजनीतिक दल और विशेषज्ञ इसके व्यावहारिक और संवैधानिक पहलुओं पर सवाल उठाते रहे हैं।

गौरतलब है कि जस्टिस गवई हाल ही में भारत का सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और संवैधानिक मुद्दों पर उनके विचारों को महत्वपूर्ण माना जाता है।

Related Articles

Back to top button