
gmedianews24.com/नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन माघ माह की पूर्णिमा को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन पूजा-पाठ, व्रत, स्नान और दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा का पावन पर्व आज, 1 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दान-पुण्य करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करने से साधक को सुख-समृद्धि, शांति और वैभव का वरदान प्राप्त होता है।
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में देवता पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। ऐसे में इस दिन किया गया स्नान और दान कई गुना फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
आरती से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर ‘ॐ जय जगदीश हरे’ से भगवान विष्णु की आरती और ‘ॐ जय लक्ष्मी माता’ से माता लक्ष्मी की आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, बल्कि जीवन में स्थिरता और समृद्धि भी आती है।
माघ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु आज दिनभर पूजा-अर्चना, व्रत, स्नान-दान और आरती कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।







