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Vastu Shastra : घर की ये छोटी-छोटी आदतें बन सकती हैं तनाव और रिश्तों में खटास की वजह, समय रहते करें सुधार

gmedianews24.com/Vastu Shastra नई दिल्ली। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि हमारी ऊर्जा, सोच और सेहत से गहराई से जुड़ा होता है। रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें होती हैं, जिन पर हम ध्यान नहीं देते, लेकिन लंबे समय में वही आदतें मानसिक तनाव, नींद की समस्या और पारिवारिक रिश्तों में खटास की वजह बन जाती हैं। वास्तु के अनुसार संतुलित, साफ-सुथरा और सकारात्मक वातावरण न केवल घर को सुंदर बनाता है, बल्कि मन और शरीर दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। थोड़ी-सी जागरूकता और छोटे बदलाव नकारात्मक प्रभावों से बचाकर जीवन में स्थिरता ला सकते हैं।

सिरहाने मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखकर सोना
आज के दौर में मोबाइल फोन जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन वास्तु और स्वास्थ्य दोनों की दृष्टि से सिरहाने मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखकर सोना हानिकारक माना जाता है। इनसे निकलने वाली ऊर्जा और रेडिएशन मस्तिष्क को लगातार सक्रिय रखती है, जिससे नींद का चक्र प्रभावित होता है। इसका परिणाम देर तक जागना, अधूरी नींद, सुबह थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है। वास्तु के अनुसार सोते समय सिर के पास कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं होना चाहिए। बेहतर है कि मोबाइल को बिस्तर से दूर रखें या साइलेंट मोड में रखकर सोएं।

पलंग के नीचे सामान भरकर रखना
कई घरों में जगह की कमी के कारण पलंग के नीचे कपड़े, पुराने कागज, जूते या अन्य सामान रख दिए जाते हैं। वास्तु के अनुसार यह आदत मानसिक और भावनात्मक परेशानी बढ़ा सकती है। पलंग के नीचे रखा सामान ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है, जिससे व्यक्ति को बिना कारण भारीपन, बेचैनी और तनाव महसूस होता है। यदि स्टोरेज जरूरी हो, तो केवल हल्का और साफ-सुथरा सामान रखें और उसकी नियमित सफाई करते रहें।

घर या कमरे में बहुत गहरे रंगों का ज्यादा इस्तेमाल
इंटीरियर सजावट के नाम पर कई लोग घर में गहरे रंग जैसे काला, डार्क ग्रे या गहरा नीला अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं। वास्तु के अनुसार इन रंगों का अत्यधिक प्रयोग घर के माहौल को भारी और नकारात्मक बना देता है। ऐसे कमरों में रहने वालों को उदासी, घुटन और बेचैनी महसूस हो सकती है। विशेषकर बेडरूम में गहरे रंग मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। वास्तु में क्रीम, हल्का पीला, हल्का हरा और आसमानी जैसे हल्के रंगों को शुभ और सकारात्मक माना गया है।

पलंग का टूटा या कमजोर सिरहाना
वास्तुशास्त्र में पलंग और उसके सिरहाने को भी महत्वपूर्ण माना गया है। यदि पलंग का सिरहाना टूटा हुआ, कमजोर या हिलता हुआ हो, तो इसका असर जीवन में सहयोग और आत्मविश्वास पर पड़ता है। वास्तु के अनुसार पलंग का सिरहाना मजबूत, साफ और दीवार से सटा होना चाहिए। इससे व्यक्ति को सुरक्षा और स्थिरता का भाव मिलता है, जो मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को मजबूत करता है।

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