[metaslider id="31163"]
Featuredदेश

SIR को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा बयान: रोज 3–4 आत्महत्याएं, अब तक 110 से ज्यादा मौतों का दावा

gmedianews24.com/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में SIR की चिंता और दबाव के चलते हर रोज 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं और अब तक 110 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 40 से 45 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये बातें कोलकाता के रेड रोड पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा, “इतने साल बाद क्या हमें यह साबित करना पड़ेगा कि हम इस देश के नागरिक हैं?”

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख नाम हटाने का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि दिसंबर में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 7.6 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 1.66 करोड़ मतदाताओं की नागरिकता पर संदेह जताते हुए उन्हें दस्तावेजों की दोबारा जांच के लिए नोटिस भेजा गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, नामों की वर्तनी में मामूली अंतर को भी संदेह का आधार बनाया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर लोग परेशान हो रहे हैं।

“मेरा सरनेम दो तरह से लिखा जाता है”

ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में एक ही उपनाम की अलग-अलग वर्तनी आम बात है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा, “मेरा सरनेम बनर्जी और बंदोपाध्याय दोनों तरह से लिखा जाता है, लेकिन SIR कराने वालों को यह तक समझ नहीं है।” ममता के मुताबिक इसी तरह की गड़बड़ियों के कारण 1.38 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बुजुर्गों को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन तक को नोटिस भेजा गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

Related Articles

Back to top button