
gmedianews24.com/अहमदाबाद। 12 जून 2025 को अहमदाबाद में क्रैश हुए एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि हादसे का शिकार हुआ विमान पहले से ही कई गंभीर तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा था। संगठन के अनुसार, इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने के चलते एक के बाद एक कई अहम सिस्टम बंद हुए, जो इस भीषण दुर्घटना की बड़ी वजह हो सकती है।
हादसा टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद हुआ, जब विमान अहमदाबाद के एक रिहायशी इलाके में गिर गया। इस त्रासदी में 270 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सिर्फ एक यात्री चमत्कारिक रूप से जीवित बचा था।
2014 से ही सामने आ रही थीं तकनीकी दिक्कतें
FAS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बोइंग 787 विमान 2014 से उड़ानों में इस्तेमाल हो रहा था। व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के हवाले से संगठन ने दावा किया कि विमान में शुरुआत से ही बार-बार तकनीकी और सिस्टम से जुड़ी खामियां सामने आती रहीं।
उड़ान के दौरान लगी थी आग
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2022 में एक उड़ान के दौरान विमान में आग लगने की घटना हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि इस घटना से विमान के अंदरूनी इलेक्ट्रिकल और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा हो सकता है। FAS का आरोप है कि इन घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच पर बढ़ा दबाव
इन खुलासों के बाद विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री, सुरक्षा ऑडिट और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को गंभीरता से लिया जाता, तो संभवतः इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।







