रथ सप्तमी 2026: रविवार को सूर्यदेव की विशेष आराधना, आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ से मिलेगा पुण्य फल

gmedianews24.com/नई दिल्ली। सूर्यदेव को ग्रहों का राजा माना जाता है और हिंदू धर्म में उनकी उपासना का विशेष महत्व है। इस वर्ष रथ सप्तमी का पर्व रविवार, 25 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है। चूंकि रविवार का दिन स्वयं भगवान सूर्य को समर्पित होता है, इसलिए इस बार रथ सप्तमी का महत्व और भी बढ़ गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव की विधि-विधान से पूजा करने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन सूर्यदेव अपने रथ पर आरूढ़ होकर सात घोड़ों के साथ उत्तरायण की ओर गति करते हैं, जिससे जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का संचार होता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र का धार्मिक महत्व
आदित्य हृदय स्तोत्र का उल्लेख रामायण में मिलता है। युद्धभूमि में रावण से युद्ध के समय महर्षि अगस्त्य ने भगवान श्रीराम को यह स्तोत्र बताया था। इसके पाठ से भगवान राम को विजय प्राप्त हुई थी।
शास्त्रों के अनुसार, आदित्य हृदय स्तोत्र—
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सभी शत्रुओं का नाश करता है
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भय, शोक और चिंता से मुक्ति दिलाता है
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आयु, बल, यश और स्वास्थ्य में वृद्धि करता है
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जीवन में विजय और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है
रथ सप्तमी पर ऐसे करें सूर्यदेव की पूजा
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प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
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तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य को अर्घ्य दें
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सूर्य मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का श्रद्धा पूर्वक पाठ करें
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लाल वस्त्र, गुड़, तांबा या गेहूं का दान करें
क्यों खास है रथ सप्तमी
धार्मिक मान्यता है कि रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से सूर्य दोष, ग्रह बाधा और रोगों से मुक्ति मिलती है। यह पर्व स्वास्थ्य, तेज, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
इस प्रकार रविवार को पड़ रही रथ सप्तमी 2026 श्रद्धालुओं के लिए सूर्यदेव की विशेष कृपा पाने का दुर्लभ अवसर लेकर आई है। आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से भक्त अपने जीवन में सुख, समृद्धि और विजय की कामना कर सकते हैं।







